छह वार्षिक उत्सव
वार्षिक उत्सव सीरीज
वर्षभर में छह पावन वार्षिक उत्सवों के माध्यम से अपनी संस्कृति को बचाते हुए।
01
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा
वर्षप्रतिपदा
- भारतीय नववर्ष को समाज में पुनः प्रतिष्ठित करने हेतु प्रेरणादायी एवं सांस्कृतिक चेतना का आयोजन
- सौभाग्य यात्रा तथा देश की संस्कृति-सम्पदा पर प्रकाश डालने हेतु वार्षिक पुस्तक प्रकाशन
- अखिल भारतीय स्तर पर सज्जनों, विद्वानों तथा कार्यकर्ताओं की सम्मिलित उपस्थिति
02
चैत्र शुक्ल नवमी (रामनवमी)
स्थापना दिवस
- संगठन की स्थापना पर पावन अवसर – रामनवमी के प्रसंग में हजारों कार्यकर्ताओं का सम्मिलित आयोजन
- कार्यक्रमों के माध्यम से "शिशु पुनरुत्थान" के दर्शन को समाज में फैलाना
- संगठन की उपलब्धियों का समारोह व आगामी कार्य को रूपरेखा करने हेतु गठन
03
आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा
व्यास पूजन
- महर्षि वेद व्यास जी की स्मृति में गुरु-शिष्य परंपरा को सशक्त करने हेतु पूजन समारोह
- आचार्यों, विद्वानों एवं शिष्यों का सम्मिलन तथा गुरु-शिष्य बन्धन की पूजा-अर्चना
- विद्या-दान एवं ज्ञान-प्रसार के माध्यम से समाज के हित में आचार्यों का सम्मान
04
15 अगस्त / 26 जनवरी
भारत माता पूजन
- मातृभूमि के प्रति श्रद्धा जगाने तथा राष्ट्रीय स्तंभों की याद में पूजा-अर्चना का आयोजन
- स्वतंत्रता संग्राम की बहादुरियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु देशव्यापी कार्यक्रम
- भारत के गौरवमयी इतिहास व उपलब्धियों का स्मरण तथा मातृभूमि प्रति प्रेम को बढ़ावा देना
05
माघ शुक्ल पंचमी
सरस्वती पूजन
- विद्या की देवी सरस्वती जी की पूजा करते हुए ज्ञान-प्रसार हेतु संकल्प
- सरस शिक्षा तथा शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विमर्श एवं संगोष्ठी
- विद्यार्थियों में स्वदेशी ज्ञान प्रणाली के प्रति प्रेम जगाने हेतु विशेष कार्यक्रम
06
21 फरवरी
मातृभाषा दिवस
- शिक्षा तथा सार्वजनिक जीवन में मातृभाषा के प्रयोग की अनिवार्यता को सर्वसम्मत संकल्प रूप में अभिव्यक्त करना
- देश की विभिन्न मातृभाषाओं के प्रति संरक्षण के बोध का प्रसार तथा प्रचार
- आयोजित कार्यक्रमों में साहित्यिक घटनाओं, संशोधन सत्र तथा स्वाद विलोम प्रतियोगिताओं का समावेश
और देखें
6
वार्षिक उत्सव
45
प्रांत
12
मासिक अवलोकन
365
वर्ष के दिन
797
जिले
846
मंडल